क्या MDR से फिर बढ़ेगा कैश की मांग?- डॉ. अमित भूषण द्विवेदी
स्थानापन्न अथवा निकट-स्थानापन्न वस्तुओं, जैसे चाय और कॉफी, के संदर्भ में मांग का साधारण नियम नहीं लागू होता है। मांग का साधारण नियम यह है कि अन्य बातें समान रहने पर किसी एक वस्तु के मूल्य में वृद्धि होने से उस वस्तु की मांग में कमी आ जाती है (और इसका उल्टा भी सत्य होगा, किन्तु संबंध नकारात्मक ही होगा )। अर्थात मूल्य के बढ़ने पर मांग में कमी हो जाती है, और इसका उल्टा भी सत्य है। किंतु, स्थानापन्न वस्तुओं के संदर्भ में यह नियम लागू नहीं होता क्योंकि यहां एक वस्तु ना होकर संयुक्त वस्तुएं है और दोनों की प्रकृति पूरक है. चाय महंगा होगा तो लोग कॉफी पीने के बारे मे विचार करेंगे और पियेंगे भी। अर्थात स्थानापन्न वस्तुओं के संदर्भ मे एक वस्तु के कीमत बढ़ने पर दूसरी वस्तु का मांग घटता नहीं बल्कि बढ़ जाता है। अर्थात एक वस्तु के कीमत का दूसरे वस्तु के मांग के साथ सकारत्मक सम्बन्ध होता है। अब सोचिए, मुद्रा और डिजिटल मुद्रा लगभग पूर्ण स्थानापन्न वस्तुएँ हैं। भारत में डिजिटल मुद्रा (भुगतान) एक अरसे से निःशुल्क सेवा रही है, और सरकार की मंशा रही है कि अधिक से अधिक 'लेस-कैश इकॉनमी' ब...