मैं और मेरे अन्दर की कौशल
मैं और मेरे अन्दर की कौशल - डॉ. अमित भूषण द्विवेदी . मैं अपने विद्यार्थियों से हमेशा कहता हूं कि खूब सारे कौशल सीखो, जो मन को भाए उसे अपनाओ और उसे लगातार निखारते रहो। केवल कहने से बात नहीं बनती, इसलिए आज स्वयं को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर रहा हूं। मेरी जड़ें खेती से जुड़ी हैं। खेती, बागवानी और पशुपालन मुझे अच्छे से आता है। आधुनिक व्यापारिक फसलें उगाना, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना और अर्थशास्त्र की समझ से अपने कौशल को बाजार से जोड़ना — यह सब मेरी कार्यक्षमता का हिस्सा है। रसोई भी मुझे प्रिय है। अनेकों प्रकार के भोजन बनाना और उनमें नवोन्मेष करना एक सृजनात्मक आनंद देता है। यदि सहायक मिले तो बड़े आयोजनों में भी यह कौशल काम आता है। आधुनिक युग से भी पिछले पंद्रह वर्षों में धीरे-धीरे जुड़ता रहा। कंप्यूटर से शुरू होकर MS Office, SPSS, STATA, R और अब AI Tools तक — यह यात्रा रुकी नहीं है और रुकनी भी नहीं चाहिए। अर्थशास्त्र में पीएचडी करने के बाद अनुसंधान कार्य से गहरा नाता बन गया। नए प्रश्न खोजना, मिश्रित शोध विधियों का उपयोग करना और जटिल विषयों का विश्लेषण करना — यह मेरे स्वभाव ...