भारत में महिला अध्ययन: वैदिक ऋचाओं से 'गिग इकोनॉमी' तक का सफर
"भारत में महिला अध्ययन: वैदिक ऋचाओं से 'गिग इकोनॉमी' तक का सफर" "क्या आपने कभी सोचा है कि जिस 'घरेलू श्रम' को हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, वह देश की अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत, मगर अदृश्य नींव है?" नमस्ते विद्यार्थियों! मैं प्रीति वैश्य, शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर के अर्थशास्त्र विभाग के इस विशेष ब्लॉग में आप सभी का स्वागत करती हूँ... 🔶 परिचय: क्यों जरूरी है महिला अध्ययन? सोचिए, यदि हम किसी देश की प्रगति को नाप रहे हैं और हम वहां की आधी आबादी (महिलाओं) के योगदान को गिनना ही भूल जाएं, तो क्या वह गणना सही होगी? बिल्कुल नहीं। महिला अध्ययन (Women's Studies) इसी 'चूक' को सुधारने का नाम है। यह वह विषय है जो समाज, इतिहास और अर्थशास्त्र को महिलाओं के नजरिए से देखता है। भारत में इसकी जड़ें प्राचीन काल की गौरवशाली शिक्षा पद्धति में हैं, लेकिन आज के दौर में इसकी 'नवीन प्रवृत्तियां' (New Trends) पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक हो चुकी हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा में नारी को 'शक्ति' और 'ज्ञान' (सरस्वती) का प्रतीक माना गया...