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समृद्धि से संतुलन तक—भारतीय ज्ञान परंपरा में छिपा आर्थिक विकास का शाश्वत मॉडल" ​लेखक: प्रीति वैश्य, अर्थशास्त्र विभाग​

  "समृद्धि से संतुलन तक—भारतीय ज्ञान परंपरा में छिपा आर्थिक विकास का शाश्वत मॉडल"                          ​लेखक: प्रीति वैश्य, अर्थशास्त्र विभाग ​          जब भी 'विकास के अर्थशास्त्र' (Economics of Development) पर चर्चा होती है, तो आमतौर पर शुरुआत एडम स्मिथ, डेविड रिकार्डो या रोस्टोव के विकास चरणों से होती है। मुख्यधारा के आर्थिक शिक्षण ने लंबे समय से यह स्थापित किया है कि विकास का अर्थ केवल उत्पादन में निरंतर वृद्धि, उपभोग का विस्तार और प्रति व्यक्ति आय (GDP) को बढ़ाना है। ​लेकिन अर्थशास्त्र के विश्लेषणात्मक अध्ययन और व्यावहारिक परिदृश्य को देखते हुए एक बात स्पष्ट रूप से उभरकर आती है: आधुनिक आर्थिक मॉडल ने वैश्विक समाज को 'समृद्धि' का रास्ता तो दिखाया, लेकिन 'संतुलन' का सूत्र कहीं पीछे छूट गया। ​आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, बढ़ती आर्थिक असमानता और संसाधनों के दोहन से उत्पन्न संकटों से जूझ रहा है, तब दुनिया एक टिकाऊ और समावेशी विकल्प की तलाश में है। इसी बिंदु पर भारतीय ज्ञान परंपरा...

प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा-डॉ. अमित भूषण द्विवेदी

  प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर (म.प्र.) अर्थशास्त्र विभाग ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ स्नातक प्रथम वर्ष तृतीय प्रश्न-पत्र मुख्य विषय : अर्थशास्त्र ई-अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों हेतु नोट्स आधारित लेख विषय प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा पाठ्यक्रमानुकूल एवं परीक्षा उपयोगी अध्ययन सामग्री प्रस्तुतकर्ता डॉ. अमित भूषण द्विवेदी सहायक प्राध्यापक, अर्थशास्त्र विभाग प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर (म.प्र.) विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावृत्ति, अवधारणात्मक समझ एवं परीक्षा तैयारी हेतु ई-अध्ययन सामग्री | अर्थशास्त्र विभाग | शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा 1. अवधारणा , परिभाषा , सैद्धांतिक पृष्ठभूमि एवं ऐतिहासिक कालक्रम (भारतवर्ष) भारतीय ज्ञान परंपरा ( Indian Knowledge Systems - IKS) भारत के प्राचीन एवं मध्यकालीन चिंतन , बौद्धिक संपदा , दर्शन , विज्ञान , चिकित्सा , खगोलशास्त्र , राजनीति , अर्थशास्त्र , कला , साहित्य और शासन-व्यवस्था की एक समृद्ध , अखंड , अनवरत और प्रवाही धारा है। ' ...